बरनौली प्रमेय के अनुप्रयोग (Bernoulli theorem application) || Barnoli Ki Prmey Physics || Bernoli Ki Permy Physics || Physics Solution || Ncert Solution

बरनौली प्रमेय के अनुप्रयोग (Bernoulli theorem application) || Barnoli Ki Prmey Physics || Bernoli Ki Permy Physics || Physics Solution || Ncert Solution


बरनौली प्रमेय के अनुप्रयोग
(Bernoulli theorem application)


बरनौली प्रमेय के अनुप्रयोग :-
(Bernoulli theorem application) :-


1. समान दिशा में अत्यन्त समीप गतिशील नावों अथवा बसों में आकर्षण (Very close to the same direction in dynamic boat or buses) :- 
                   जब दो नांव या बसें समान दिशा में अत्यन्त समीप तेजी से गतिशील होती है तो उनके मध्य जल या वायु की परतें तेजी से गतिशील हो जाती है जबकि दूर स्थित जल या वायु की परतें धीमी गति से चलती है। अतः बरनौली की प्रमेय से, उनके मध्य दाब कम हो जाता है। इस दाबान्तर के कारण ही वे एक - दूसरे की ओर खिंचती है।

2. वायुयान के पंखो की आकृति (Airplane wings) :-
                 बरनौली की प्रमेय के अनुसार किसी बहते हुए तरल में जहां वेग अधिक होता है वहां दाब कम होता है जहां वेग कम होता है वहां दाब अधिक होता है। इसका उपयोग वायुयान के पंखे बनाने में किया जाता है। पंखे की आकृति के कारण पंखे के उपरी तल की वायु का वेग नीचे के तल की वायु के वेग से अधिक होता है। फलस्वरूप उतरी तल पर वायु का दाब निचले तल की अपेक्षा कम हो जाता है। इसी दाबान्तर के कारण वायुयान को आवश्यक उत्थापक बल मिल जाता है।

3. कणित्र (Atomizer)(Knitra):-
                  कारबुरेटर, पेंटगन या सेंट स्प्रे की क्रियाविधी बरनौली प्रमेय पर आधारित है।

             इसमें एक पिचकारी होती है जिसके एक सिरे पर रबर का खोखला गोला तथा दूसरे सिरे पर बारीक छिद्र होता है। पिचकारी की नली के संकीर्णित भाग से एक केशनली लगा दी जाती है। जिसका निचला सिरा बर्तन में भरे द्रव में डूबा रहता है।

          जब पिचकारी की गेंद को दबाते है तो वायु क्षैतिज नली से होकर बाहर निकलती है। नली के संकीर्णित भाग में वायु का वेग अधिक होता है। जिसके कारण वहां दाब घट जाता है। दाब घटने से द्रव केशनली में उपर तक आकर वायु के साथ फुहार के रूप में बाहर निकलता है।

4. तेज आंधी में टिन की छतों का उड़ जाना।

5. मैग्नस प्रभाग (Magnus Division) (Megnas Prbhav) :-
            गेंद को चक्रण कराना।