प्रदर्शित कीजिये की समुच्च्य G = {0,1,2,3,4} संक्रिया + के लिये क्रमविनिमेय समूह है ? Algebra Maths || Display that the set G = {0,1,2,3,4} is the orderly group for operation +? Algebra Maths || Algebra Maths Solution || Maths Guru || Ncert Solution

प्रदर्शित कीजिये की समुच्च्य G = {0,1,2,3,4} संक्रिया + के लिये क्रमविनिमेय समूह है ? Algebra Maths || Display that the set G = {0,1,2,3,4} is the orderly group for operation +? Algebra Maths || Algebra Maths Solution || Maths Guru || Ncert Solution



Algebra Maths
(बीजगणित)

प्रदर्शित कीजिये की समुच्च्य G = {0,1,2,3,4} संक्रिया + के लिये क्रमविनिमेय समूह है ?

Display that the set G = {0,1,2,3,4} is the orderly group for operation + ? 

जहां संक्रिया +, निम्न प्रकार परिभाषित है
a + 5b = { a + 5 यदि a + b > 5
               { a+ b - 5 यदि a + b > 5

हल :-                     

उपरोक्त सारणी से स्पष्ट है कि :-
1. संवृतता :- संक्रिया सारणी के सभी अवयव जी में विद्यमान है, अतः +5 गुणन संक्रिया G में संवृत है।

2 . साहचर्यता :- समुच्चय G में संक्रिया +5 का आधार संख्याओं के योग की संक्रिया है, जो कि सहचारी होता है इसलिये समुच्चय G में संक्रिया सहचारी होगी ।

3 . तत्समक अवयव का अस्तित्व :- संक्रिया में प्रथम पंक्ति तथा प्रथम स्तम्भ से स्पष्ट है कि समुच्च्य के अवयव 0,1,2,3,4 की 0 से संक्रिया होने पर पुनः यही अवयव आते है, इसलिये G में संक्रिया +5 के लिये 0 तत्समक अवयव होगा ।

4 . प्रतिलोम अवयव का अस्तित्व :- संक्रिया सारणी से स्पष्ट है कि 0,1,2,3,4 के प्रतिलोभ क्रमशः 0,4,3,2,1 है, इसलिये G में प्रत्येक अवयव के प्रतिलोम का अस्तित्व है।

5 . क्रमविनिमेय :- संक्रिया सारणी में प्रत्येक पंक्ति उसके संगत स्तम्भ के संरूप है अतः संक्रिया +5, G में क्रमविनिमेय है।

अतः (G] +5) एक परिमित क्रमविनिमेय समूह है।


For Your Guide About This Question

यहां O (G, +5) एक परिमित क्रमविनिमेय समूह है।